Wednesday, June 10, 2026
Breaking Welcome to Smart Jankari

Smart Jankari

Smart Jankari sabhi ke liye

Moral Stories in Hindi For Class 9 | जादुई छड़ी

Moral Story in Hindi – जादुई छड़ी और सुलेखा की कहानी

शरारत का परिणाम हमेशा बुरा होता है – बच्चों के लिए प्रेरणादायक हिंदी कहानी

बहुत समय पहले की बात है। एक छोटे से गांव में सुलेखा नाम की एक प्यारी लड़की रहती थी। वह बहुत समझदार और पढ़ाई में अच्छी थी, लेकिन उसमें एक बुरी आदत भी थी। उसे शरारत करना बहुत पसंद था।

सुलेखा के माता-पिता उसे बहुत प्यार करते थे। वे हमेशा उसे अच्छी बातें सिखाते थे और समझाते थे कि किसी को परेशान नहीं करना चाहिए। लेकिन सुलेखा कई बार मजाक-मजाक में ऐसी शरारत कर देती थी जिससे दूसरे लोगों को परेशानी होती थी।

डरावनी रात

एक रात मौसम बहुत खराब था। आसमान में काले बादल छाए हुए थे। तेज हवा चल रही थी और बार-बार बिजली चमक रही थी।

सुलेखा अपने कमरे में अकेली बैठी हुई थी। बाहर का डरावना मौसम देखकर उसे थोड़ा डर लग रहा था।

अचानक जोर से बिजली चमकी। Moral Stories in Hindi For Class 9

“धड़ाम!”

आवाज इतनी तेज थी कि सुलेखा डरकर खड़ी हो गई।

तभी उसकी नजर कमरे की खिड़की पर पड़ी।

वह देखकर हैरान रह गई।

खिड़की के बाहर एक बूढ़ी औरत हवा में उड़ रही थी। Moral Stories in Hindi For Class 9

उसके सफेद बाल हवा में उड़ रहे थे और उसने काले रंग के कपड़े पहने हुए थे।

सुलेखा डर के मारे कांपने लगी।

रहस्यमयी बुढ़िया

कुछ ही क्षणों में वह बूढ़ी औरत खिड़की के पास आ गई।

फिर वह मुस्कुराते हुए बोली,
“डरो मत सुलेखा। मैं तुम्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाऊंगी।”

सुलेखा ने डरते हुए पूछा, Moral Stories in Hindi For Class 9
“आप कौन हैं?”

बुढ़िया बोली,
“मैं एक जादूगरनी हूं। मैं बहुत दूर से आई हूं।”

फिर उसने कहा,
“तुम बहुत अच्छी लड़की हो, इसलिए मैं तुम्हें एक खास उपहार देना चाहती हूं।”

यह सुनकर सुलेखा का डर थोड़ा कम हो गया।

वह उत्सुक होकर बोली,
“कैसा उपहार?”

जादुई छड़ी

बुढ़िया ने अपने हाथ से एक चमकदार छड़ी निकाली।

वह छड़ी सुनहरे रंग की थी और उसके ऊपर छोटे-छोटे सितारे चमक रहे थे।

बुढ़िया ने वह छड़ी सुलेखा को देते हुए कहा,
“यह जादुई छड़ी है।”

सुलेखा की आंखें खुशी से चमक उठीं।

बुढ़िया ने आगे कहा,
“तुम इस छड़ी को जिस चीज की तरफ घुमाओगी, वह चीज गायब हो जाएगी।”

सुलेखा बहुत खुश हुई।

लेकिन बुढ़िया ने उसे चेतावनी देते हुए कहा,
“ध्यान रखना, इस जादू का इस्तेमाल केवल अच्छे कामों के लिए करना।”

सुलेखा ने सिर हिलाकर कहा,
“जी, मैं ऐसा ही करूंगी।”

इसके बाद बुढ़िया धीरे-धीरे आसमान में उड़ते हुए गायब हो गई।

स्कूल में शरारत

अगले दिन सुबह सुलेखा जादुई छड़ी को अपने बैग में छुपाकर स्कूल ले गई।

पहले तो उसने सोचा कि वह इसका इस्तेमाल नहीं करेगी।

लेकिन थोड़ी देर बाद उसके मन में शरारत सूझने लगी।

क्लास में उसके सामने बैठा लड़का अपनी किताब पढ़ रहा था।

सुलेखा ने धीरे से छड़ी घुमाई।

और देखते ही देखते लड़के की किताब गायब हो गई।

लड़का घबरा गया।

वह इधर-उधर किताब ढूंढने लगा।

पूरी क्लास हैरान थी।

सुलेखा मन ही मन हंसने लगी।

बढ़ती शरारतें

अब सुलेखा को बहुत मजा आने लगा।

उसने:

  • बच्चों की पेंसिल गायब कर दी
  • किसी की कॉपी गायब कर दी
  • किसी का रबर गायब कर दिया

पूरी क्लास परेशान हो गई।

शिक्षक भी समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर चीजें गायब कैसे हो रही हैं।

लेकिन किसी को यह पता नहीं चला कि यह सब सुलेखा की जादुई छड़ी की वजह से हो रहा था।

घर में भी शरारत

स्कूल से घर आने के बाद भी सुलेखा की शरारत बंद नहीं हुई।

अब उसे जादू करने में बहुत मजा आने लगा था।

वह छोटी-छोटी चीजें गायब करके खुश होती रहती।

उसकी मां बार-बार पूछती,
“सुलेखा, तुम इतनी मुस्कुरा क्यों रही हो?”

लेकिन वह कुछ नहीं बताती।

सबसे बड़ी गलती

शाम को घर के दरवाजे के पास एक कांच का गिलास रखा हुआ था।

सुलेखा ने सोचा,
“क्यों न मैं इस गिलास को गायब कर दूं?”

उसने जादुई छड़ी निकाली और गिलास की तरफ घुमाने लगी।

लेकिन तभी उसके पापा कमरे से बाहर निकले और गिलास के सामने से गुजरने लगे।

जैसे ही सुलेखा ने छड़ी घुमाई, गिलास की जगह उसके पापा गायब हो गए।

सुलेखा का डर

अपने पापा को अचानक गायब होता देखकर सुलेखा के होश उड़ गए।

उसके हाथ कांपने लगे।

वह जोर-जोर से रोने लगी।

वह चिल्लाई,
“पापा! पापा! आप कहां चले गए?”

अब उसे अपनी गलती का एहसास होने लगा।

वह सोचने लगी,
“मैंने यह क्या कर दिया?”

बुढ़िया का वापस आना

तभी अचानक कमरे में तेज रोशनी हुई।

और वही बूढ़ी औरत फिर से उसके सामने आ गई।

सुलेखा रोते हुए बोली,
“कृपया मेरे पापा को वापस ले आइए।”

उसने पूरी बात बुढ़िया को बता दी।

बुढ़िया ने गंभीर आवाज में कहा,
“मैंने तुम्हें चेतावनी दी थी कि जादू का इस्तेमाल गलत कामों के लिए मत करना।”

सुलेखा को अपनी गलती पर बहुत पछतावा हुआ।

वह बोली,
“मुझे माफ कर दीजिए। मैं आगे से कभी शरारत नहीं करूंगी।”

जादुई छड़ी वापस

बुढ़िया ने कहा,
“मैं तुम्हारे पापा को वापस ला सकती हूं, लेकिन उसके बाद मुझे यह जादुई छड़ी वापस लेनी होगी।”

सुलेखा तुरंत बोली,
“आप यह छड़ी ले जाइए, मुझे बस मेरे पापा वापस चाहिए।”

बुढ़िया मुस्कुराई।

फिर उसने आंखें बंद कीं और जादुई मंत्र पढ़ने लगी।

कुछ ही क्षणों में कमरे में तेज चमक हुई।

और देखते ही देखते सुलेखा के पापा वापस आ गए।

खुशी के आंसू

अपने पापा को वापस देखकर सुलेखा खुशी से रोने लगी।

उसने तुरंत अपने पापा को गले लगा लिया।

उसके पापा समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर हुआ क्या था।

सुलेखा ने मुड़कर बुढ़िया को धन्यवाद कहना चाहा।

लेकिन तब तक वह आसमान में बहुत दूर जा चुकी थी।

नई सीख

उस दिन के बाद सुलेखा पूरी तरह बदल गई।

अब उसने:

  • शरारत करना छोड़ दिया
  • दूसरों को परेशान करना बंद कर दिया
  • हमेशा अच्छे काम करना शुरू कर दिया

उसे समझ आ गया था कि शक्ति चाहे छोटी हो या बड़ी, उसका इस्तेमाल हमेशा अच्छे कामों के लिए करना चाहिए।


कहानी से सीख (Moral of the Story)

“किसी भी शक्ति का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।”

अगर इंसान अपनी ताकत का गलत उपयोग करता है, तो उसका परिणाम हमेशा बुरा होता है।


बच्चों के लिए सीख

यह कहानी बच्चों को सिखाती है:

  • शरारत की भी एक सीमा होनी चाहिए
  • गलत काम का परिणाम बुरा होता है
  • माता-पिता की अहमियत समझनी चाहिए
  • शक्ति का उपयोग अच्छे कामों के लिए करना चाहिए

आज के समय में इस कहानी का महत्व

आज बच्चों के पास:

  • मोबाइल
  • इंटरनेट
  • सोशल मीडिया

जैसी कई शक्तियां हैं।

अगर उनका गलत इस्तेमाल किया जाए, तो नुकसान हो सकता है।

इसलिए यह कहानी आज के समय में भी बहुत महत्वपूर्ण है।


क्यों पढ़नी चाहिए Moral Stories?

Moral Stories बच्चों को:

  • अच्छी आदतें सिखाती हैं
  • सही और गलत में फर्क समझाती हैं
  • जिम्मेदारी का महत्व बताती हैं
  • अच्छे संस्कार देती हैं

निष्कर्ष

सुलेखा और जादुई छड़ी की यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी भी शक्ति का इस्तेमाल सोच-समझकर करना चाहिए।

अगर हम अपनी ताकत का गलत उपयोग करेंगे, तो हमें पछताना पड़ सकता है।

इसलिए हमेशा अच्छे काम करें और दूसरों को खुश रखने की कोशिश करें।


FAQs

1. इस कहानी से क्या सीख मिलती है?

इस कहानी से सीख मिलती है कि शक्ति का गलत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

2. सुलेखा को जादुई छड़ी किसने दी?

एक जादूगरनी बुढ़िया ने।

3. सुलेखा के पापा कैसे गायब हुए?

सुलेखा ने गलती से जादुई छड़ी घुमा दी थी।

4. क्या यह कहानी बच्चों के लिए अच्छी है?

हाँ, यह कहानी बच्चों को जिम्मेदारी और अच्छाई की सीख देती है।

Any short story in hindi

Written by
admin
Staff writer at Smart Jankari.

Leave a Comment